श्रीकृष्ण-रुक्मिणी प्रसंग की कथा सुन श्रद्धालु हुए भाव विभोर
मिर्जापुर, सितम्बर 21 -- जिगना, हिन्दुस्तान संवाद। क्षेत्र के नगंवासी ग्राम में चल रही संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा में सोमवार को कथावाचक पं. मंगला प्रसाद शास्त्री ने श्रीकृष्ण व रुक्मिणी विवाह का प्रसंग सुनाया। कहा कि भगवान श्रीकृष्ण द्वारिकापुरी के राजा ही नहीं थे। वह तो नारी सम्मान के रक्षक और प्रेम के पुजारी थे।
रुक्मिणी का विवाह विदर्भ की राजकुमारी रुक्मिणी ने बचपन से ही श्रीकृष्ण को अपना पति मान लिया था। किन्तु रुक्मिणी का भाई रुक्मी अपनी बहन का विवाह शिशुपाल से करना चाहता था। इसके लिए स्वयंबर का आयोजन किया गया था। इसके पहले रुक्मिणी ने श्रीकृष्ण को अपना गुप्त संदेश भेजा कि वह उनसे शादी करना चाहती है। स्वयंबर के पूर्व दुर्गा मंदिर पर आने तथा रुक्मिणी को ले जाने की बात तय हो गई।
श्री कृष्ण का निर्णय श्रीकृष्ण घोड़े से दुर्गा मंदिर पहु...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.