गोरखपुर, अप्रैल 1 -- जैतपुर, हिदुस्तान संवाद। पिपरौली ब्लॉक स्थित ग्रामसभा नंदापार पर आयोजित श्रीमदभागवत कथा ज्ञानयज्ञ में श्रीकृष्ण-रुक्मणी विवाह का प्रसंग सुनाया गया। कथा वाचक सुरज कृष्ण शास्त्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के साथ हमेशा देवी राधा का नाम आता है। भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी लीलाओं में यह दिखाया भी था कि श्रीराधा और वह दो नहीं बल्कि एक हैं, लेकिन देवी राधा के साथ श्रीकृष्ण का लौकिक विवाह नहीं हो पाया। उन्होंने बताया कि देवी राधा के बाद भगवान श्रीकृष्ण की प्रिय देवी रुक्मणी हुईं। रुक्मिणी का पूरा बचपन श्रीकृष्ण के साहस और वीरता की कहानियां सुनते हुए बीता था। जब विवाह की उम्र हुई तो इनके लिए कई रिश्ते आए लेकिन उन्होंने सभी को मना कर दिया। उनके विवाह को लेकर माता-पिता और भाई चिंतित थे। बाद में रुक्मणी का श्री कृष्ण से विवाह हुआ। कथ...