देवरिया, मार्च 20 -- मदनपुर, हिन्दुस्तान संवाद। क्षेत्र के एक गांव में श्रीरूद्र शतचंडी महायज्ञ का आयोजन किया गया है। इसमें आखिरी दिन अयोध्या से पधारे कथावचाक ने कंस वध के प्रसंग का कथा श्रवण कराया।यज्ञाचार्य उपेंद्र नाथ के नेतृत्व में मुख्य अतिथि गजानंद जायसवाल और उनकी पत्नी सरिता जायसवाल आदि ने व्यास गद्दी का विधि-विधान से पूजा-अर्चन कर कथा की शुरूआत कराया। अयोध्या से पधारे कथावाचक अंगद दास जी ने कहा कि दैत्यराज कंस के अत्याचार से पृथ्वी भयभीत हो गई थी। अपने मृत्यु के कारण की जानकारी होने पर उसने बहन देवकी और वसुदेव के बंदी गृह में डाल दिया था। लेकिन भगवान की महिमा अपरंपार है। कृष्ण ने कंस का वध करते हुए धरा को पापमुक्त किया। जबिकि अपने ज्ञानोपदेश के जरिये लोगों को जीने की राह सिखाया। प्रभु श्रीकृष्ण पूर्णरूप से हैं। वह सोलह कलाओं के स्...