कौशाम्बी, अप्रैल 5 -- सिराथू कस्बे के मंझनपुर रोड स्थित सीता वाटिका बैंक्वेट हॉल में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कथा व्यास संत राजेंद्र जी ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म और बाल लीला की कथा सुनाई। कथा सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। कथा व्यास ने बताया कि जब अत्याचारी कंस के पापों से धरती डोलने लगी, तो भगवान कृष्ण को अवतरित होना पड़ा। सात संतानों के बाद जब देवकी गर्भवती हुई तो उन्हें अपनी इस संतान की मृत्यु का भय सता रहा था। भगवान की लीला वह स्वयं ही समझ सकते हैं। भगवान कृष्ण के जन्म लेते ही जेल के सभी बंधन टूट गए और भगवान श्रीकृष्ण गोकुल पहुंच गए। उन्होंने कहा कि जब-जब धरती पर धर्म की हानि होती है, तब-तब भगवान धरती पर अवतरित होते हैं। कथा के दौरान जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ तो पूरा पंडाल जयकारों से गूंजने लगा। इस दौरान महिलाओं ...
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