श्रीकृष्ण की प्रत्यक्ष वाङ्गमय मूर्ति है भागवत
वाराणसी, अगस्त 19 -- वाराणसी। काशी सत्संग सेवा समिति की तरफ से महमूरगंज स्थित शुभम लॉन में चल रहे सप्ताहव्यापी श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ के दूसरे दिन मंगलवार को बालव्यास पं. श्रीकांत शर्मा ने भागवत रसपान कराया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत सिर्फ एक कागज का ग्रंथ नहीं बल्कि श्रीकृष्ण की प्रत्यक्ष वाङ्गमय मूर्ति है। बालव्यास ने कहा कि द्वापर में जब श्रीकृष्ण अपना दैहिक शरीर का त्याग कर रहे थे तो उद्धव की शंका का समाधान करते हुए कहा कि यह श्रीमद्भागवत नामक ग्रंथ में मैं अपना तेज समाहित कर रहा हूं, यही भागवत कलिकाल में मनुष्य को ईश्वर से मिलाने का साधन बनेगा। बालव्यास ने कहा कि श्रीकृष्ण ने उद्धव से यह भी कहा है कि जो सुख, आनंद गोपियों को रासलीला के समय आया, वहीं परमानंद कलिकाल में मनुष्य को श्रीमद भागवत का श्रवण करके आएगा। यह कथा जीव और परम...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.