हमीरपुर, जून 6 -- हमीरपुर, संवाददाता। मुख्यालय के रमेड़ी मोहल्ले में चल रही श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ के अंतर्गत कथा व्यास डॉ.सर्वेश द्विवेदी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं का अत्यंत मार्मिक एवं प्रेरणादायी झांकी द्वारा महारास तथा रुक्मिणी विवाह प्रसंग का विस्तार से निरूपण किया। कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। यह भी पढ़ें- भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का किया वर्णनकथा का महत्व कथावाचक ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों को प्रकृति एवं गोसंवर्धन का महत्व समझाने के लिए इंद्र पूजा के स्थान पर गोवर्धन पर्वत की पूजा का संदेश दिया। इससे क्रोधित होकर देवराज इंद्र ने ब्रजभूमि पर घनघोर वर्षा आरंभ कर दी। तब बालकृष्ण ने अपनी कनिष्ठिका अंगुली पर गोवर्धन पर्वत धारण कर समस्त ब्रजवासियों, गौधन और जीव-जंतुओं की र...