आगरा, मई 23 -- प्रताप नगर जयपुर हाउस बुर्जीवाला मंदिर में कथा के छठे दिन महारास कंस उद्धार रुक्मिणी विवाह प्रसंग का वर्णन हुआ। आचार्य राजेश शास्त्री महाराज ने कहा, कृष्ण रुक्मिणी विवाह अनूठा है। रुक्मिणी विदर्भ राजा भीष्म की पुत्री और लक्ष्मी अवतार मानी जाती है। नारद से कृष्ण गुण सुनकर रुक्मिणी ने विवाह निश्चय किया। कृष्ण ने बाधाओं के बाद रुक्मिणी से विवाह किया। समन्वयक अजय आवागढ़, राजेश जिंदल, संदीप गोयल, अनूप अग्रवाल, दिनेश अग्रवाल उपस्थित रहे। यह भी पढ़ें- भागवत कथा भाव विभोर हुए श्रद्धालु यह भी पढ़ें- श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन श्रीकृष्ण रासलीला का किया वर्णन

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