जहानाबाद, अप्रैल 9 -- जहानाबाद, निज संवाददाता। बभना में पूज्य श्री सुरेन्द्र हरिदास जी महाराज के सानिध्य में श्रीमद्भागवत कथा के षष्ठम दिवस पर श्री कृष्ण और रुक्मिणी जी का विवाह बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। जब श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह से जुड़े भजनों की प्रस्तुति हुई, तो श्रद्धालु अपने आप को रोक नहीं पाए और भक्ति भाव में झूम उठे। तालियों की गूंज और "राधे-श्याम" के जयकारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। ऐसा लग रहा था मानो साक्षात भगवान श्रीकृष्ण स्वयं उस स्थल पर उपस्थित होकर अपने भक्तों के साथ आनंद मना रहे हों। श्रीमद्भागवत कथा का यह दिव्य ग्रंथ इतना पावन और कल्याणकारी है कि इसकी कथा सुनने मात्र से प्रेत का भी कल्याण हो जाता है, जब एक प्रेत का कल्याण हो सकता है तो जो श्रद्धा और निष्काम भाव से सात दिन तक भागवत कथा का श्रवण करता है, उसका तो निश्चित ...