पटना, जून 14 -- श्रावणी मेले में इस बार दुकान लगाने वालों को अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराना होगा। इसका मकसद श्रद्धालुओं को गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ सुनिश्चित करना है। पंजीकरण होने पर खाद्य पदार्थ में गड़बड़ी होने पर दुकान संचालकों की पहचान आसानी से होगी। खाद्य पदार्थ की बिक्री करने वालों को पूजा या अन्य सामग्रियों की कीमतें भी एक समान ही रखनी होगी। श्रावणी मेले का आयोजन इस बार 30 जुलाई से 28 अगस्त तक हो रहा है। मेले का आयोजन राज्य के 13 जिलों में होता है, लेकिन मुख्य रूप से भागलपुर, बांका, मुंगेर, लखीसराय, मुजफ्फरपुर और वैशाली में लोगों की भीड़ अधिक होती है। मेला का सफल आयोजन हो, इसके लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने जिलों को पांच करोड़ 65 लाख 89 हजार रुपये का आवंटन किया है। पूर्व के अनुभवों को देखते हुए इस बार तय किया गया है कि प्रत्य...