बेगुसराय, अगस्त 9 -- गढ़पुरा, एक संवाददाता। सावन मास की अमावस्या 12 अगस्त बुधवार को श्रद्धा और आस्था के साथ मनाई जाएगी। सनातन परंपरा में हरियाली अमावस्या तिथि को पितरों के निमित्त तर्पण, श्राद्ध और दान-पुण्य के लिए विशेष माना गया है। सावन मास की अमावस्या होने के कारण इस दिन पितृ पूजन के साथ भगवान शिव की आराधना का भी विशेष महत्व रहेगा। श्रद्धालु सुबह स्नान कर पितरों का स्मरण करेंगे और उनकी आत्मा की शांति के लिए जल, तिल और कुश से तर्पण करेंगे। धार्मिक मान्यता है कि अमावस्या के दिन श्रद्धापूर्वक पितरों का तर्पण और दान करने से पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। जिन परिवारों में पितृ दोष की मान्यता है, उनके लिए अमावस्या का दिन विशेष उपाय करने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। हालांकि, पितृ दोष और उससे जुड़े उपाय ज्योतिषीय एवं धार्मिक मान्यताओ...