चतरा, सितम्बर 26 -- मयूरहंड प्रतिनिधि हिन्दू पंचांग के अनुसार 26 सितंबर से पितृ पक्ष की शुरुआत हो गई है। यह सोलह दिनों की अवधि पूर्वजों को समर्पित होती है, जिसमें लोग अपने दिवंगत पितरों को याद कर उनकी आत्मा की शांति के लिए विशेष अनुष्ठान करते हैं। मान्यता है कि इस दौरान पूर्वज धरती पर सूक्ष्म रूप में अपने परिजनों के बीच आते हैं। तर्पण और पिंडदान का बहुत महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितृ पक्ष में श्रद्धा भाव से तर्पण, पिंडदान और ब्राह्मण भोज कराने से पूर्वज तृप्त होकर आशीर्वाद देते हैं। इस दौरान लोग नदी के तटों या अपने घरों में जल, कुशा, काले तिल और जौ से अपने पूर्वजों का तर्पण करते हैं। यह भी पढ़ें- अनंत के बाद पितरों का स्मरण, शनिवार से शुरू होगा श्राद्ध पक्ष ऐसा करने से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है और परिवार में सुख-शांति बनी र...