साहिबगंज, अप्रैल 9 -- साहिबगंज(स्वरुप कुमार)। मध्यपूर्व जंग से उभरे मौजूदा संकट के बीच प्रवासी मजदूरों के समक्ष दो प्रकार की समस्या मुंह बयां कर खड़ी है। पहला यदि कोरोना काल जैसे संकट उत्पन्न हो तो उन्हे परदेश से वापस अपना वतन लौटना पड़ेगा। दूसरा कई बार परदेश में काम के दौरान होने वाले हादसे में उन्हे जान गवांनी पड़ती है। ऐसे में निबंधन के अभाव में उन्हें सरकारी योजनाओं का समुचित लाभ नहीं मिल पाता है। दरअसल, हर साल सैंकड़ो मजदूर जिले के विभिन्न हिस्सों से रोजगार के लिए परदेश जाते हैं। हालांकि इन प्रवासी मजदूरों के निबंधन नहीं कराने के पीछे कई तर्क दिए जाते हैं। लेकिन बिना निबंधन के बाहर जाने पर परेशानी का सामना संबंधित मजदूरों को ही करना पड़ता है। सूत्रों के मुताबिक कोराना काल के बाद से जिले में प्रवासी मजदूरों का निबंधन में अपेक्षाकृत तेजी जर...
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