गंगापार, जून 2 -- मेजा, हिन्दुस्तान संवाद। भटौती पहाड़ी पर डंपर से कुचलकर श्रमिक की मौत के बाद शव पोस्टमार्टम हाउस से घर ले आया गया तो कोहराम मच गया। मंगलवार सुबह परिजनों ने छतवा गंगा घाट पर उसका अंतिम संस्कार कर दिया।धरावल गांव निवासी रामबाबू आदिवासी मजदूरी कर परिवार का खर्च चलाता है, उसका सबसे छोटा बेटा 19 वर्षीय कौशलेश कुमार भटौती के एक क्रसर प्लांट में डंपर पर खलासी व गिट्टी लादने का काम करता था। रविवार को सुबह आठ बजे वह अपने काम पर पहुंचा था, देर रात वह डंपर से कुचलने से मौत हो गई थी। घटना से गुस्साए परिजन व अन्य दोपहर बाद भटौती प्लांट के सामने पहुंच मेजा भटौती मार्ग पर चक्का जाम कर दिया था। सोमवार देर शाम शव पोस्टमार्टम हाउस से घर पहुंचा तो मच गया। कौशलेश की मौत से आदिवासी बस्ती में सन्नाटा मंगलवार को भी सन्नाटा रहा। कई घरों में चूल...