सहारनपुर, फरवरी 8 -- सरसावा। अमर शहीद बाबा दीप सिंह के प्रकाश पर्व के अवसर पर रविवार को यमुना पुल के समीप स्थित गुरुद्वारा बाबा दीप सिंह जी में सालाना जोड़ मेला श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर आयोजित महान गुरमत समागम में विभिन्न जत्थों ने बाबा दीप सिंह जी की शहादत, त्याग और वीरता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम की शुरुआत दो दिन पूर्व रखे गए श्री अखंड पाठ साहिब के भोग से हुई, जिसके बाद खुले पंडाल में दीवान सजाए गए। कीर्तन दरबार में पंजाब से आए ढाडी जत्थे के प्रमुख भाई संत सिंह पारस ने कहा कि बाबा दीप सिंह जी 18वीं शताब्दी के महान योद्धा और विद्वान थे। उन्होंने श्री गुरु गोविंद सिंह जी से अमृत पान किया और अपने हाथों से श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के चार स्वरूप लिखे। खालसा पंथ में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
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