श्रद्धा से अर्पित एक लोटा जल भी करता है पितरों को तृप्त : पंडित महेश मिश्रा
बांका, सितम्बर 30 -- पंजवारा (बांका), निज प्रतिनिधि। पूर्वजों के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता और आस्था का महापर्व पितृपक्ष शुरू हो गया है। 15 दिनों तक चलने वाले इस विशेष पखवाड़े में लोग अपने दिवंगत पूर्वजों की आत्मा की शांति और मुक्ति के लिए विधि-विधान से तर्पण व पिंडदान करते हैं। इस पावन अवसर पर पितृपक्ष के आध्यात्मिक महत्व और उसकी शास्त्रसम्मत विधियों की जानकारी देते हुए पंडित महेश मिश्रा ने कई अहम नियम साझा किए हैं। यह भी पढ़ें- पितरों का पिंडदान करने के लिए निकलने लगे परिजनपितृपक्ष का महत्व उन्होंने बताया कि सनातन परंपरा में पितृपक्ष का अलौकिक महत्व है। यह पखवाड़ा पूर्वजों के प्रति सच्ची श्रद्धा और कृतज्ञता ज्ञापित करने का स्वर्णिम अवसर है। शास्त्रों के अनुसार, इस दौरान लोग हाथों में कुश, अक्षत, तिल और जल लेकर मातृ पक्ष तथा पितृ पक्ष के दि...
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