रामपुर, अगस्त 6 -- श्री शिवमहापुराण कथा के चैथे दिन कथा व्यास पंडित देवव्रत शुक्ल ने माता पार्वती के दिव्य जन्म, भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए उनकी कठोर तपस्या तथा शिव-पार्वती के पावन विवाह का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि सच्ची श्रद्धा, धैर्य और दृढ़ संकल्प के साथ किया गया प्रयास कभी व्यर्थ नहीं जाता है। कथावाचक पंडित देवव्रत शुक्ल ने बताया कि राजा हिमवान और रानी मैना के घर माता पार्वती ने जन्म लिया। बाल्यकाल से ही उनका मन भगवान शिव की आराधना में लगा रहता था। देवर्षि नारद ने उनके दिव्य स्वरूप और भविष्य का वर्णन करते हुए कहा कि उनका विवाह स्वयं भगवान शिव से होगा। यह भी पढ़ें- Rampur News: अहंकार त्यागकर विनम्रता और प्रभु भक्ति का मार्ग अपनाए मानक: देवव्रत इसके बाद माता पार्वती ने कठोर संकल्प लेकर भगवान शिव को प...