सहारनपुर, मार्च 22 -- देवबंद। चैत्र नवरात्र के तीसरें दिन शनिवार को श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप माता चंद्रघंटा की भक्तिभाव से आराधना की। इस दौरान श्री त्रिपुर मां बाला सुंदरी देवी मंदिर सेवा ट्रस्ट अध्यक्ष पंडित सतेंद्र शर्मा ने बताया कि पौराणिक कथाओं के अनुसार जब राक्षस महिषासुर ने स्वर्ग पर आक्रमण कर देवताओं को पराजित कर इंद्र का सिंहासन छीन लिया, तब सभी देवता त्रिदेवों के पास पहुंचे। तब भगवान शिव ने उन्हें त्रिशूल, विष्णु ने चक्र व अन्य देवताओं ने अपने अस्त्र शस्त्र भेंट किए। मां दुर्गा का तीसरा स्वरूप शांतिदायक और कल्याणकारी है। माता चंद्रघंटा का ध्यान हमारे इहलोक और परलोक दोनों के लिए कल्याणकारी और सदगति देने वाला है। इस देवी के मस्तक पर घंटे के आकार का आधा चंद्र है। इसलिए इस देवी को चंद्रघंटा कहा गया है। इनके शरीर का र...