पाकुड़, फरवरी 10 -- महेशपुर, एक संवाददाता। प्रखंड मुख्यालय में बांसलोई नदी किनारे अवस्थित श्री श्री 1008 बूढ़ा बाबा महेश्वर नाथ शिवमंदिर आदिवासी और गैर आदिवासियों के बीच अटूट आस्था व श्रद्धा का केंद्र बना हुआ है। इस शिवमंदिर के प्रति दूर-दराज के लोगों की आस्था का मूल कारण है आपरुपी प्रकट स्वयं कामना शिवलिंग। श्रद्धालुओं का यह विश्वास है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई कामना अवश्य पूरी होती है। जनश्रुति के मुताबिक महेश्वर नामक साधारण चरवाहे द्वारा मवेशियों को चराते वक्त पहली बार इस शिवलिंग को देखा गया था। महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर शिवमंदिर परिसर में शिवभक्तों व श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ता है। साथ ही भव्य मेले का भी आयोजन किया जाता है। लगभग दो फीट ऊंचाई तथा करीब डेढ़ फीट गोल आकार के इस शिवलिंग पर पवित्र श्रावण माह के अवसर पर शिवभक्त पश्च...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.