मथुरा, अप्रैल 9 -- महंत गर्वीलीशरण महाराज के 21वें निकुंजोत्सव पर मुखराई में आयोजित 7 दिवसीय श्यामा-श्याम मिलन महोत्सव बुधवार को विश्राम हुआ। इसमें श्रीमद् भागवत कथा की पूर्णाहुति, राधाकृष्ण की रासलीला और संत समागम आयोजित हुआ। श्रीमद्भागवत कथा का व्यास संत प्रेमधन लालन महाराज ने श्रवण कराया। विश्राम की बेला पर उन्होंने कृष्ण-सुदामा चरित्र लीला का भावपूर्ण वर्णन कर भागवत को मुक्ति एवं भक्ति प्रदान करने वाला ग्रंथ बताया। वहीं राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त स्वामी फतेहकृष्ण महाराज ने अंतिम दिन मधुर वाणी में सवैया एवं छंद प्रस्तुति के साथ राधाकृष्ण की होली लीला का मंचन कराया। इसमें प्रिया-प्रियतम के साथ भक्तों ने भी फूलों की होली खेली। संगीतमयी लीला में बही ब्रजरस की अविरल धारा ने सभी दर्शकों को भावविभोर कर दिया। समापन पर बड़ी संख्या में ब्रज के...