गुमला, फरवरी 26 -- देश की रक्षा करते हुए आतंकवादियों से लोहा लेने वाले वीर शहीद जीदन बागे आज अपने ही गांव में गुमनामी का जीवन जी रहे हैं। गुमला जिले के कामडारा प्रखंड अंतर्गत रामपुर पंचायत के टाटी गिरजाटोली निवासी शहीद जीदन बागे का जन्म 18 जनवरी 1958 को हुआ था। उन्होंने 29 जुलाई 1977 को सेना में सेवा आरंभ की और 27 फरवरी 1991 को पंजाब में आतंकवादियों से मुकाबला करते हुए वीरगति को प्राप्त की। मरणोपरांत उन्हें शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। हालांकि उनकी शौर्यगाथा विद्यालयों की पुस्तकों में शामिल है और आठवीं कक्षा के छात्र उनके बारे में पढ़ते हैं,लेकिन उनके अपने गांव में आज भी उनकी पहचान सीमित लोगों तक ही सिमट कर रह गई है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार अन्य शहीदों की प्रतिमा लगाकर सम्मान देती है, लेकिन जीदन बागे की शहादत को भुला दिया गया है...
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