शौर्य चक्र विजेता शहीद जीदन बागे अपने ही गांव में हैं अपेक्षित
गुमला, अगस्त 14 -- कामडारा, शहाब अली। देश की रक्षा के लिए प्राण न्योछावर करने वाले वीर जवानों को राष्ट्र हमेशा सम्मान के साथ याद करता है। लेकिन कामडारा प्रखंड के रामपुर पंचायत स्थित टाटी गिरजा टोली निवासी शहीद जीदन बागे की कहानी कुछ अलग है। पंजाब में आतंकवाद के खिलाफ अभियान में अदम्य साहस दिखाते हुए 27 फरवरी 1991 को शहीद हुए जीदन बागे को मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया था। उनकी वीरता की गाथा आज भी किताबों में पढ़ाई जाती है, लेकिन उनका परिवार और गांव आज भी सरकारी उपेक्षा का दंश झेल रहा है। यह भी पढ़ें- Faridabad News: गांवों में आज भी जिंदा हैं वीर शहीदों की स्मृतियांजीदन बागे का जीवन जीदन बागे का जन्म 18 जनवरी 1958 को हुआ था। 29 जुलाई 1977 को वे बिहार रेजिमेंट में भर्ती हुए। पंजाब में आतंकवाद के दौर में वे ऑपरेशन रक्षक के तहत तै...
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