शौर्य के प्रतीक हैं भगवान परशुराम : उमाकांत
मिर्जापुर, अप्रैल 19 -- लालगंज। तहसील क्षेत्र के दुबार कला गांव में रविवार को ब्राह्मण एकता परिषद के तत्वावधान में भगवान परशुराम जयंती श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि वही समाज विकसित होता है। जिसमें संस्कार, चरित्र और शिक्षा का समुचित समावेश होता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए परिषद के संस्थापक उमाकांत द्विवेदी ने कहा कि शिक्षा ही सर्वोच्च विकास का आधार है। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम ज्ञान,विज्ञान और शौर्य के प्रतीक हैं। समाज को संस्कार, अनुशासन और कर्तव्य का मार्ग दिखाया। कर्मकांडी पंडित नीतीश कुमार द्विवेदी ने कहा कि वैदिक परंपरा केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है,बल्कि यह नैतिक ज्ञान के माध्यम से जीवन शैली को भी विकसित करती है। यह भी पढ़ें- धूमधाम के साथ मनाया गया परशुराम जन्मोत्सव वरिष्ठ...
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