बस्ती, जून 11 -- बस्ती, हिन्दुस्तान टीम। ​ऐतिहासिक क्रांति स्थल महुआ डाबर में तीन दिवसीय 'महुआ डाबर महोत्सव' का समापन हुआ। 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के गुमनाम शहीदों को समर्पित यह महोत्सव 'शौर्य दिवस' के रूप में मनाया गया। 10 जून 1857 को ब्रिटिश दमन के विरुद्ध महुआ डाबर के वीर पुरखों की ओर से किए गए विद्रोह और उसके बाद हुए भीषण नरसंहार की स्मृति में यह आयोजन एक जीवंत दस्तावेज की तरह रहा। ​महोत्सव के अंतिम दिन की शुरुआत प्रातः 8 बजे सशस्त्र सलामी के साथ हुई। उपनिरीक्षक नन्हेलाल के नेतृत्व में पुलिस बल ने अमर क्रांतिवीरों को राजकीय सम्मान प्रदान किया। क्षेत्र के लोगों ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...