शौर्य और बलिदान की प्रतीक थीं महारानी दुर्गावती
चंदौली, जून 25 -- पीडीडीयू नगर, वरिष्ठ संवाददाता)। अखिल भारतीय गोंडवाना कोया पुनेम संस्था के तत्वावधान में बुधवार को विकासखंड नियामताबाद के सहजौर स्थित प्रांतीय कार्यालय में गोंड वीरांगना महारानी दुर्गावती का 462वां बलिदान दिवस श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महारानी दुर्गावती के तैलचित्र पर माल्यार्पण और गोंडी परंपरा के अनुसार पूजा-अर्चना के साथ किया गया। इस मौके पर विजय सिंह धुर्वे ने कहा कि महारानी दुर्गावती शौर्य और बलिदान की प्रतीक थी। उन्होंने कहा कि महारानी दुर्गावती का जन्म कालिंजर दुर्ग में हुआ था। बचपन से ही वे साहसी, ऊर्जावान और युद्ध कौशल में निपुण थीं। उन्होंने घुड़सवारी, हाथी सवारी तथा शस्त्र संचालन में विशेष दक्षता प्राप्त की थी। यह भी पढ़ें- महारानी दुर्गावती का 462वां बलिदान दिवस श्रद्धापूर्वक मन...
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