फतेहपुर, अप्रैल 16 -- फतेहपुर। सरकार ने ग्राम पंचायतों को गंदगी से मुक्त करने और ओडीएफ के सपने को साकार करने के लिए सार्वजनिक शौचालयों पर पानी की तरह पैसा बहाया, लेकिन यह स्वच्छता अभियान खुद अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। कहीं ताले लटके हैं, कहीं झाड़ियों का बसेरा है तो कहीं पानी की एक बूंद तक मयस्सर नहीं। करोड़ों के बजट के बाद भी हकीकत यह है कि ग्रामीण आज भी डिब्बा लेकर खेतों की राह पकड़ने को मजबूर हैं। आपके अपने अखबार 'हिन्दुस्तान' ने जब जिले के विभिन्न ब्लॉकों की पड़ताल की तो जिम्मेदारों के दावों की पोल खुल गई। पेश है रिपोर्ट.. बदबू और अव्यवस्थाओं से बेहाल ग्रामीणधाता। नगर पंचायत के कल्यानपुर कचरौली कलनापुर गांव में सामुदायिक शौचालय में गंदगी का अंबार है। बदबू के कारण आसपास के लोग परेशानियों का सामना करते हैं। पानी समेत तमाम अव्यवस्थाओं क...
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