हजारीबाग, फरवरी 5 -- हजारीबाग जिला प्रतिनिधि। जिला के कई सरकारी स्कूल आज भी गर्ल्स टॉयलेट जैसे बुनियादी सुविधा से वंचित हैं। यह छात्राओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और शिक्षा के अधिकार से जुड़ा गंभीर सवाल खड़ा करता है। ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आई कहानियां झकझोर देने वाली हैं, जहां शौचालय के अभाव ने नन्हीं छात्राओं को असुरक्षा, अपमान और भय के साए में जीने को मजबूर कर दिया है। ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों के कई प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों में या तो अलग से गर्ल्स टॉयलेट है ही नहीं, या फिर इतने जर्जर हालात में है कि उसका उपयोग संभव नहीं। मजबूरी में छात्राओं को स्कूल परिसर से बाहर-खेत, झाड़ी या सड़क किनारे-शौच के लिए जाना पड़ता है। इसी दौरान कई छात्राओं के साथ छेड़खानी, अभद्र टिप्पणी और डराने-धमकाने की घटनाएं हुई हैं। कुछ मामलों में यौन हिंसा और ...
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