बांदा, मई 12 -- बांदा। सराफा कारोबार शोरूम की चमक-धमक और सजावट पर ज्यादा निर्भर होता है। ऐसे में कारोबारियों को इस पर अतिरिक्त खर्च करना ही पड़ता है। शंकर गुरु चौराहे पर शोरूम के मालिक सराफा कारोबारी ओमप्रकाश ने बताया कि उनके यहां चार कर्मचारी हैं। शोरूम का किराया व अन्य खर्च मिलाकर हर माह करीब एक लाख रुपये निकल जाते हैं। पहले यह था कि माह में एक से डेढ़ लाख तक की मार्जिन हो जाती थी। अब मंदी के दौर में माह की कमाई 40 से 50 हजार में सिमट गई है। बिजली का बिल भी बढ़ गया है। इससे सारा खर्च घर से करना पड़ रहा है। यह भी पढ़ें- सहालग में होता अच्छा कारोबार, अपील ने बिगाड़ा गणित अब अपील के बाद तो स्थिति और बिगड़ती जा रही है। ग्राहकों के न आने से आय दस से 20 हजार तक सीमित रह गई है। अब कारोबारियों के पास इसका कोई विकल्प नजर नहीं आ रहा है। बल्कि सरक...