दरभंगा, जून 17 -- दरभंगा, नगर संवाददाता। मिथिला संस्कृत स्नातकोत्तर अध्ययन एवं शोध संस्थान का 75वां स्थापना दिवस बुधवार को धूमधाम से मनाया गया। संस्थान की स्थापना 16 जून 1951 को हुई थी, जिसका उदघाटन देश के प्रथम राष्ट्रपति देशरत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने किया था। दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर संस्थान के निदेशक डॉ. सुरेंद्र प्रसाद सुमन ने कहा कि बागमती नदी की गोद में अवस्थित इस शोध संस्थान का गौरवशाली अतीत रहा है, जहां संस्कृत सहित जर्मन, फ्रेंच, अंग्रेजी, हिंदी, पाली, प्राकृत, प्राचीन इतिहास और दर्शन शास्त्र में शोध करने के लिए दूर-दूर से शोधार्थीगण पहुंचते थे और कई विषयों के विद्वान प्राचार्य शोध करवाते थे। यहां कई लिपियों की लगभग साढ़े बारह हजार पांडुलिपियां हैं, लेकिन धीरे-धीरे प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों के ...