लखनऊ, अप्रैल 4 -- उत्तर प्रदेश के नदियों के किनारे बसाई गई शहरी बस्तियों और मंदिरों को शोध पर आधार पर विकसित किया जाएगा। इसी मकसद से पुरातत्व निदेशालय नदी घाटी सभ्यताओं पर केंद्रित सेमिनार का आयोजन 16 व 17 मई को करने जा रहा है। इस आयोजन में विद्वान और देश भर में यूपी की नदियों के किनारे बसे शहरी बस्तियों पर शोध करने वाले शोधकर्ता जुटेंगे। वे अपने शोध निष्कर्ष प्रस्तुत कर सकेंगे। नदी घाटी सभ्यताओं पर चर्चा करेंगे, ताकि शहरी विरासत, मंदिरों और पवित्र स्थलों को संरक्षित करके विकसित किया जा सके। पुरातत्व निदेशालय के मुताबिक यूपी में गंगा, यमुना, सरयू, घाघरा और गोमती प्राचीन काल से ही भारतीय सभ्यता के विकास का मॉडल रहा है। इन नदियों के तटों पर ऐतिहासिक नगर, पवित्र स्थल, मंदिर और पुरातात्विक अवशेष हैं। इन नदियों ने न केवल शहरी बस्तियों और सांस्...
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