लखनऊ, फरवरी 26 -- दवाओं के सटीक असर जानने के लिए केवल एक अध्ययन पर्याप्त नहीं होता है। बल्कि कई शोध पत्रों का विश्लेषण की भी जरूरत होती है। यही कार्य सिस्टमैटिक रिव्यू और मेटा-एनालिसिस करते हैं। यह बात केजीएमयू के मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र आतम ने कही। वह गुरुवार को केजीएमयू फार्माकोलॉजी विभाग के प्रेक्षागृह में बेसिक्स ऑफ सिस्टमैटिक रिव्यू एंड मेटा-एनालिसिस विषयक सेमिनार को संबोधित कर रहे थे। डॉ. वीरेंद्र आतम ने कहा कि चिकित्सा विज्ञान में साक्ष्य आधारित इलाज के लिए विभिन्न अध्ययनों के निष्कर्षों को एक साथ जोड़कर विश्लेषण करना जरूरी है। इससे इलाज की प्रभावशीलता और सुरक्षा का अधिक भरोसेमंद आकलन संभव होता है। फार्माकोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. आरके दीक्षित ने कहा कि व्यवस्थित समीक्षा और मेटा-एनालिसिस न केवल शोध की गुणवत्ता बढ़ाते...
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