शोध की संख्या नहीं, गुणवत्ता और उपयोगिता से बनेगी पहचान
बरेली, अगस्त 20 -- एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के अटल सभागार में बुधवार को शोध निदेशालय की ओर से नेक्स्ट जेन स्कॉलर ओरिएंटेशन कॉन्क्लेव आयोजित किया गया। इसमें देश-विदेश के विशेषज्ञों ने नवप्रवेशित शोधार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शोध, रिसर्च इंटीग्रिटी, वैज्ञानिक प्रकाशन, पेटेंट और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के बारे में जानकारी दी। कुलपति प्रो. केपी सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय की पहचान शोधार्थियों की संख्या से नहीं, बल्कि शोध की गुणवत्ता, मौलिकता, विश्वसनीयता और सामाजिक उपयोगिता से बनती है। शोध निदेशालय के निदेशक प्रो. आलोक श्रीवास्तव ने निदेशालय की कार्यप्रणाली और शोधार्थियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी। कुलपति ने कहा कि शोध का उद्देश्य समाज और राष्ट्र की समस्याओं का समाधान होना चाहिए। यह भी पढ़ें- मविवि में पीएचडी कोर्स वर्क इंडक्शन का...
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