नई दिल्ली, अगस्त 28 -- देश में 14.5 करोड़ करीब 61 फीसदी बच्चे हर साल जलवायु परिवर्तन के कारण कम से कम एक माह अधिक हीट स्ट्रेस का सामना करते हैं। बेल्जियम की व्रीजे यूनिवर्सिटी के शोध में ये खुलासा हुआ है। शोध साइंस एडवांसेज जर्नल में प्रकाशित हुआ है। शोध के अनुसार जलवायु परिवर्तन के कारण नौ वर्ष तक की उम्र के बच्चों की संख्या जो साल में कम से कम पांच महीने खतरनाक हीट स्ट्रेस का सामना करते थे वो अब दोगुनी हो गई है। है। यह संख्या 5.9 करोड़ से बढ़कर 11.8 करोड़ हो गई है जो इस आयु वर्ग के कुल बच्चों का करीब 50 प्रतिशत है। वैज्ञानिकों का कहना है कि अत्यधिक गर्मी से इंसानी शरीर का कामकाज को प्रभावित होता है। पहले से बीमार लोगों की स्थिति गंभीर बनती है। शरीर में पानी की कमी और अंगों का काम करना बंद करने की गंभीर समस्या हो सकती है। शोध के अनुसार द...