लखनऊ, मई 26 -- कैंसर जांच के क्षेत्र में लखनऊ विश्वविद्यालय को एक बड़ी सफलता मिली है। विश्वविद्यालय के कंप्यूटर विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. पुनीत मिश्रा ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पर आधारित एक ऐसा उन्नत मॉडल विकसित किया है, जो गले के कैंसर (लैरीन्जियल कार्सिनोमा) की शुरुआती पहचान को अधिक तेज, सटीक और आसान बना देगा। हाल ही में प्रकाशित हुए इस शोध में नैरो-बैंड इमेजिंग (एनबीआई) तकनीक की मदद से गले के कैंसर के विभेदक निदान के लिए एक 'मल्टीक्लास एआई क्लासिफायर' तैयार किया गया है। यह तकनीक डीप कनवोल्यूशनल न्यूरल नेटवर्क आर्किटेक्चर पर आधारित है, जिसे हजारों हाई-रिजॉल्यूशन एंडोस्कोपी छवियों पर प्रशिक्षित किया गया है। यह एआई मॉडल एनबीआई छवियों को तेजी से स्कैन कर प्रभावित हिस्सों की पहचान करता है और सामान्य गांठों, कैंसर-पूर्व स्थितियों तथा स्क...