नई दिल्ली, अक्टूबर 1 -- राजधानी के सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं को यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। इसके कारण बड़ी संख्या में महिलाओं को अपने सफर का समय, रास्ता और परिवहन का साधन तक बदलना पड़ रहा है। 27.19 फीसद महिलाओं ने उत्पीड़न के कारण अपने सफर का समय या परिवहन का साधन बदल दिया, जबकि 21.93 फीसद ने अपना रास्ता बदल लिया। वहीं, 9.65 फीसद महिलाओं ने सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल ही बंद कर दिया और निजी वाहन या कैब का सहारा लिया। यह खुलासा अंतरराष्ट्रीय जर्नल 'द ओरिएंटल एंथ्रोपोलॉजिस्ट' में जुलाई 2026 में प्रकाशित शोधपत्र 'द इफेक्ट्स ऑफ सेक्सुअल हैरेसमेंट इन पब्लिक ट्रांजिट स्पेसेज ऑन ट्रैवल बिहेवियर एंड वेल-बीइंग ऑफ यंग वुमन: एक्सपीरियंसेज फ्रॉम दिल्ली सिटी, इंडिया' में हुआ है। यह शोधपत्र बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के शोधार्थी अटल द्विव...