शोक और उपहास
नई दिल्ली, जुलाई 6 -- ईरान में मातम और नाराजगी का माहौल है। जहां अपने सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को आखिरी विदाई देते हुए ईरानवासी रो रहे हैं, वहीं नाराजगी उस अमेरिका पर है, जिसकी वजह से ईरान को ऐसे दिन देखने पड़ रहे हैं। तेहरान की गलियों में मातम का इजहार करने वालों का ऐसा सैलाब उतर आया है कि दुनिया दंग है। ऐसे बहुत लोग हैं, जिन्हें अब 86 वर्षीय अयातुल्ला अली खामेनेई की शोहरत का अंदाजा हो रहा है। खामेनेई ने साल 1989 से इस साल 28 फरवरी तक ईरान का दृढ़ता से नेतृत्व किया। ईरानवासी बार-बार याद कर रहे हैं कि कैसे अमेरिकी-इजरायली हमलों के पहले दिन ही उनके नेता शहीद कर दिए गए। बहुत सब्र के साथ ईरानी प्रशासन ने खामेनेई की आखिरी विदाई का इंतजार किया है। अब जब युद्ध-विराम चल रहा है, तब ईरान अपने सर्वोच्च नेता को अपनी तहजीब के हिसाब से, पूर...
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