इटावा औरैया, जनवरी 7 -- इटावा, संवाददाता। भवानीपुरा गांव में हुई इस दर्दनाक घटना ने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है। महज दो साल की मासूम शान्या जन्म से ही नेत्रहीन और चलने-फिरने में असमर्थ थी, आग की लपटों में घिरकर इस दुनिया से चली गई। वह अपने माता-पिता की इकलौती संतान थी और पूरे परिवार की उम्मीदों का केंद्र। उसकी मौत ने घर ही नहीं, पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है। शान्या के पिता आदित्य कुमार ने बताया कि बुधवार सुबह उन्होंने बेटी को दूध पिलाया और उसे बिस्तर पर सुलाकर काम पर निकल गया। पत्नी अंशू घर की जिम्मेदारियों में लगी थीं और छत पर गोबर के उपले बना रही थीं। इसी दौरान नीचे कमरे में जंगले से बंधी एलईडी रोड में अचानक शॉर्ट सर्किट हो गया। शॉर्ट सर्किट से निकली चिंगारी पास में रखी सरिया में लिपटी पॉलीथिन तक पहुंच गई, जिससे आग भड़क उठ...
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