गया, फरवरी 19 -- शेरघाटी प्रखंड के दलित बहुल्य घोड़जरा गांव में गर्मी शुरू होने के पहले ही जलापूर्ति को लेकर लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं। इस गांव में पीएचईडी की ओर से कार्यान्वित नल जल योजना करीब तीन साल से बंद पड़ी है, जबकि स्थानीय ग्राम पंचायत की ओर से कार्यान्वित की गई एक अन्य मिनी जलापूर्ति योजना भी खराब है। स्थानीय राजनीति कार्यकर्ता सुरेश मांझी ने बताया कि गांव के अधिकांश घरों में चापाकल नहीं है। पानी के लिए लोग सामुदायिक चापाकल पर निर्भर हैं। पीएचईडी की ओर से करीब 30 लाख रुपये खर्च कर तीन-चार साल पहले बनाई गई जलापूर्ति योजना नाकाम हो गई है। अब तो इस योजना के तहत गांव में बिछाए गए आधा से ज्यादा पाइप भी खराब हो गए है। ग्रामीण तिलेश्वरी देवी, स्थानीय पंच पूनम देवी, इश्वर दयाल, योगेंद्र मांझी आदि कहते हैं कि गर्मी में जब अधिकांश चापाकल सू...