नवादा, मार्च 12 -- नवादा। हिन्दुस्तान संवाददाता भारतीय रेलवे एक ओर जहां अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत स्टेशनों के कायाकल्प का दावा कर रही है, वहीं नवादा स्टेशन पर जमीनी हकीकत इसके उलट है। यहां विकास की रेंगती रफ्तार ने यात्रियों, खासकर महिलाओं और बुजुर्गों का जीना मुहाल कर रखा है। नवादा स्टेशन पर इन दिनों सबसे बड़ी समस्या शेड की भारी कमी है। गर्मी और चिलचिलाती धूप में ट्रेन का इंतजार करना यात्रियों के लिए किसी शारीरिक प्रताड़ना से कम नहीं है। प्लेटफॉर्म नंबर 1 का विरोधाभास यात्रियों के धैर्य की परीक्षा ले रहा है। यहां बना शेड पूरी तरह निरर्थक साबित हो रहा है। दरअसल, जब ट्रेन स्टेशन पर आती है, तो वह शेड वाले हिस्से से काफी आगे जाकर रुकती है। ट्रेन पकड़ने के लिए यात्रियों को मजबूरन शेड से बाहर निकलकर खुले आसमान के नीचे खड़ा रहना पड़ता है...
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