नई दिल्ली, सितम्बर 12 -- आपराधिक मामलों की वैज्ञानिक जांच में लगने वाले लंबे समय को कम करने के लिए दिल्ली सरकार ने शेख सराय में अत्याधुनिक फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला बनाने का निर्णय लिया है। फोरेंसिक सुविधाओं को और मजबूत करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम होगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई व्यय वित्त समिति (ईएफसी) की बैठक में इसके निर्माण एवं बजट की राशि (151.81 करोड़ रुपये) को भी स्वीकृति दी गई है। मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को परियोजना का निर्माण कार्य दो वर्ष के भीतर पूरा करने का लक्ष्य दिया है।

नई प्रयोगशाला का निर्माण मुख्यमंत्री के अनुसार राजधानी में विभिन्न अपराधों की जांच के लिए रोहिणी में फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला बनी हुई है, जिस पर काफी दबाव रहता है। इसके चलते कई बार जांच में समय लगता है। ...