गुड़गांव, अप्रैल 8 -- गुरुग्राम। स्कूल शिक्षा में बड़ा बदलाव करते हुए कक्षा तीसरी से आठवीं तक पढ़ाई के तरीके को पूरी तरह से नया रूप दिया जा रहा है। 2026-27 के इसी सत्र से लागू होने वाली इस व्यवस्था में बच्चों को रटने के बजाय समझने, तर्क करने और समस्याओं का समाधान निकालने की दिशा में तैयार किया जाएगा। नई पहल के तहत कंप्यूटेशनल थिंकिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों को भी पढ़ाई में शामिल किया जा रहा है, जिसे कक्षा के स्तर के अनुसार डिजाइन किया गया है। शुरुआती कक्षाओं में बच्चों को खेल, पहेलियों, गतिविधियों और वर्कशीट के माध्यम से बुनियादी समझ दी जाएगी, ताकि वे धीरे-धीरे जटिल अवधारणाओं को आसानी से समझ सकें। कक्षा 3 से 5 तक के छात्रों को सरल गतिविधियों के जरिए तार्किक सोच और पैटर्न पहचानने की क्षमता विकसित कराई जाएगी। वहीं कक्षा 6 से 8...