शुद्ध दूध की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती
नई दिल्ली, मई 31 -- हर वर्ष 1 जून को पूरी दुनिया 'विश्व दुग्ध दिवस' मनाती है। इसका उद्देश्य लोगों को दूध के पोषण, महत्व, डेयरी उद्योग की उपयोगिता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में इसके योगदान के प्रति जागरूक करना है। वर्ष 2026 की थीम 'महिला किसानों का सम्मान' रखी गई है, जो डेयरी क्षेत्र में महिलाओं के योगदान को पहचान देने का प्रयास है। वास्तव में, भारत सहित कई देशों में दुग्ध उत्पादन की रीढ़ ग्रामीण महिलाएं ही हैं, जो पशुपालन से लेकर दुग्ध संग्रह तक की जिम्मेदारी निभाती हैं। दूध को सदियों से संपूर्ण आहार माना गया है। इसमें कई आवश्यक पोषक तत्व होते हैं, जो बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों के लिए लाभकारी माने जाते हैं। डॉक्टरों की मानें, तो दूध का नियमित सेवन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है। बावजूद इसके अपने देश में दुग्ध ...
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