शीशा हो या दिल हो आखिर टूट जाता है... पर बजी तालियां
प्रयागराज, जून 3 -- प्रयागराज, संवाददाता। बुढ़ापे की लकड़ी सेवा समिति प्रयागराज की ओर से बुधवार को संगीत संध्या का आयोजन एक होटल में किया गया। प्रेमा राय ने अपनी मधुर आवाज में गीत 'शीशा हो या दिल हो आखिर टूट जाता है' प्रस्तुति दी तो श्रोताओं ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया। समिति के अध्यक्ष पूर्व सीएमओ डॉ. पीके सिन्हा ने 'पत्ता-पत्ता बूटा-बूटा' गीत की प्रस्तुति से समा बांधा तो नीना श्रीवास्तव ने 'सोलह बरस की बाली उमर को सलाम' की प्रस्तुति पर श्रोता मंत्रमुग्ध हो उठे।प्रीता बाजपेई ने 'ये दिल और उनकी निगाहों के साये', शालिनी खरे ने 'अभी ना जाओ छोड़कर', प्रमोद माहेश्वरी ने 'ये दिल न होता बेचारा' और अनिल टंडन ने 'सच्चाई छुप नहीं सकती' जैसे सदाबहार गीतों की मनमोहक प्रस्तुति की। संध्या में शैलेंद्र श्रीवास्तव, योगेंद्र पांडेय, रजनी महेश्वरी, ...
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