शीशा स्वयं देखें तो गुरु, दूसरा दिखाए तो दुश्मन: आचार्य शांतनु महाराज
मेरठ, जून 20 -- खरखौदा कस्बा स्थित लल्लू सिंह त्यागी फार्महाउस में भाजपा नेता अजय त्यागी द्वारा आयोजित सात दिवसीय श्रीराम कथा के पांचवें दिन श्रद्धालुओं को भक्ति का अनुपम आनंद मिला। कथा व्यास शांतनु महाराज ने अयोध्या कांड की पावन और मांगलिक प्रारंभिक चौपाइयों के गायन के साथ कथा का शुभारंभ किया। इस दौरान सीता स्वयंवर के बाद श्रीराम-सीता के अयोध्या आगमन और उसके बाद प्रभु राम को मिले वनवास के भावुक प्रसंगों को सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए। आत्मचिंतन का प्रतीक है शीशा
कथा व्यास का संदेश कथा व्यास ने बताया कि जनकपुर से लौटने के एक माह बाद जब अयोध्या में राज्यसभा बैठी, तो महाराज दशरथ ने भरी सभा में शीशा देखा। इस प्रसंग की व्याख्या करते हुए महाराज श्री ने कहा, शीशा व्यक्ति का गुरु भी है और दुश्मन भी, इसलिए शीशा जरूर देखना चाहिए। यदि व्यक्ति ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.