नई दिल्ली, फरवरी 19 -- सुप्रीम कोर्ट ने पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट को एक बड़ा झटका देते हुए उसकी उपचारात्मक याचिका खारिज कर दिया। अदालत ने इस संबंध में एक न्यायाधिकरण के फैसले को भी बरकरार रखा। ट्रिब्यूनल ने कहा था कि आवासीय और गैर-आवासीय दोनों प्रकार के योग शिविरों के आयोजन के लिए प्रवेश शुल्क वसूलने पर ट्रस्ट को सर्विस टैक्स देना होगा। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, जे.के. माहेश्वरी और उज्जल भुइयां की पीठ ने उपचारात्मक याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी कि इसमें कोई मामला नहीं बनता है। पीठ ने कहा कि हमने उपचारात्मक याचिका और संबंधित दस्तावेजों का अध्ययन किया है। पीठ ने अपने 4 फरवरी के आदेश में कहा कि (आदेश गुरुवार को अपलोड किया गया) हमारी राय में, रूपा अशोक हुर्रा बनाम अशोक हुर्रा और अन्य (2002) के मामले में इस अदालत द्वारा ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.