नई दिल्ली, मार्च 13 -- सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य में अवैध रेत खनन और लुप्तप्राय जलीय वन्यजीवों के समक्ष उत्पन्न खतरों पर शुक्रवार को स्वतः संज्ञान लिया। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ एवं न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने कहा कि अदालत ने समाचार पत्रों में हाल में प्रकाशित उन खबरों का संज्ञान लिया है, जिनमें उन इलाकों में बड़े पैमाने पर अवैध खनन को रेखांकित किया गया, जहां लुप्तप्राय घड़ियाल संरक्षण कार्यक्रम जारी है।अदालत ने कहा कि अवैध खनन के कारण लुप्तप्राय घड़ियालों को स्थानांतरित होना पड़ रहा है। पीठ ने कहा कि यहां तक कि उन इलाकों में भी अवैध खनन हो रहा है जहां मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने घड़ियाल छोड़े थे। अदालत ने रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि आवश्यक निर्देश लेने के लिए मामले को भारत के मुख्य न्यायाधीश के समक्ष रखा जाए। मध्य प...