बरेली, दिसम्बर 22 -- शीतलहर की चपेट में आए बरेली में ठंड ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सर्द हवाओं और गिरते तापमान के बीच शहर के प्रमुख इलाकों में ठंड से बचाव के इंतजाम नाकाफी नजर आ रहे हैं। शहर में जगह-जगह अलाव तो जलाए जा रहे हैं, लेकिन अलाव के नाम पर गीली लकड़ी डालकर सिर्फ औपचारिकता पूरी की जा रही है। गीली लकड़ी से ठीक से आग नहीं जल पा रही, जिससे लोगों को ठंड से कोई खास राहत नहीं मिल रही। ठेका होने के बावजूद अलाव जलाने वाले स्थानों की संख्या नहीं बढ़ाई गई है, जिसके चलते गरीब, मजदूर और राहगीर ठंड में ठिठुरने को मजबूर हैं। वहीं, रैन बसेरों की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। शहर में बनाए गए रैन बसेरों के संकेत बोर्ड तक नहीं लगाए गए हैं और न ही इनका कोई प्रसार-प्रचार किया गया है। जानकारी के अभाव में बेसहारा और जरूरतमंद लोग रैन बसेरों तक ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.