भागलपुर, अप्रैल 27 -- कहलगांव, निज प्रतिनिधि मनुष्य जीवन अत्यंत दुर्लभ है और इसका सदुपयोग भगवान के भजन एवं स्मरण में करना चाहिए। इससे जीवन में सच्चा सुख और शांति प्राप्त होती है। उक्त बातें नंदलालपुर के देवीपुर शिव मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन कथा वाचिका पूर्ति किशोरी ने कही। उन्होंने राजा परीक्षित और शुकदेव जी महाराज के संवाद का उल्लेख करते हुए बताया कि शीघ्र मृत्यु की स्थिति में मुक्ति का सबसे सरल और प्रभावी उपाय है, मन को सभी सांसारिक विषयों से हटाकर भगवान गोविंद में स्थिर करना। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति मानव जन्म पाकर भी ईश्वर का स्मरण नहीं करता, उसका जीवन व्यर्थ हो जाता है। यह भी पढ़ें- प्रभु की भक्ति निस्वार्थ होनी चाहिए जिसमें कामना न हो : पूर्ति किशोरी कथा के दौरान सृष्टि विस्तार, विदुर द्वारा कौरवों का त्...