किशनगंज, जून 4 -- किशनगंज। एक नवजात शिशु जब पहली बार इस दुनिया में सांस लेने की कोशिश करता है, तब उसके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण समय शुरू होता है। जन्म के बाद का पहला एक मिनट जिसे चिकित्सा विज्ञान में गोल्डन मिनट कहा जाता है जीवन और मृत्यु के बीच का सबसे निर्णायक क्षण माना जाता है। यदि इस दौरान शिशु को सही देखभाल, समय पर पहचान और आवश्यक उपचार मिल जाए, तो अनेक गंभीर जटिलताओं और मृत्यु को रोका जा सकता है। यह भी पढ़ें- शिशु के जन्म के बाद पहले 60 सेकेंड जीवन-मृत्यु की महत्वूर्ण कड़ीनवजात देखभाल का महत्व विश्व स्तर पर नवजात मृत्यु के प्रमुख कारणों में जन्म के समय सांस न ले पाना बर्थ एस्फीक्सिया संक्रमण और समय से पूर्व जन्म शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जन्म के बाद पहले 60 सेकेंड के भीतर की गई सही चिकित्सकीय कार्रवाई हजारों नवजातों का जीव...