गिरडीह, अप्रैल 8 -- गिरिडीह, प्रतिनिधि। समर सी-मैम कार्यक्रम के अंतर्गत मंगलवार को समीक्षात्मक बैठक सह शून्य से 06 माह के शिशुओं में कुपोषण के खतरे की पहचान एवं प्रबंधन को लेकर प्रशिक्षण कार्यक्रम किया गया। जिसका उद्देश्य जिले में कुपोषण की समस्या को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करना तथा शिशुओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाना था। बैठक के दौरान समर सी-मैम कार्यक्रम की वर्तमान स्थिति की विस्तृत समीक्षा हुई तथा शून्य से 06 माह के शिशुओं में कुपोषण के शुरुआती लक्षणों की पहचान पर विशेष जोर दिया गया। सिविल सर्जन डॉ. बच्चा प्रसाद सिंह ने कहा कि जीवन के शुरुआती छह महीने शिशु के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, इसलिए इस अवधि में उचित पोषण, नियमित स्वास्थ्य जांच और समय पर उपचार आवश्यक है। प्रशिक्षण सत्र में शिशुओं में कुपोषण के कार...
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