शिव विवाह श्रद्धा-विश्वास के मिलन का संदेश
बलिया, अप्रैल 28 -- फेफना, हिन्दुस्तान संवाद। शक्ति सम्राट महाराज ने भगवान शंकर और मां पार्वती के विवाह उत्सव का वर्णन सुनाकर श्रद्धालुओं को विभोर कर दिया। बताया कि भगवान शंकर और मां पार्वती श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक हैं, ऐसे में इनका विवाह श्रद्धा और विश्वास का मिलन है। कहा कि श्रद्धा और विश्वास मिलते हैं तभी भक्ति और भगवान का मिलन संभव होता है। बघेजी के नवनिर्मित श्रीराम जानकी मंदिर परिसर में चल रहे विष्णु महायज्ञ में चौथे दिन सोमवार की रात प्रवचन में महाराज ने शंकर-पार्वती विवाह सृष्टि का अदभुत और अद्वितीय विवाह है। तमाम प्रयासों के बाद भी मां पार्वती अपने विश्वास पर अडिग रही। यह भी पढ़ें- मनुष्य के लिए प्रभु श्रीराम का जीवन अनुकरणीय शिव विवाह प्रसंग सुन श्रोता भाव विभोर हो गए। इधर, मंगलवार को यज्ञ मंडप परिक्रमा और पूजा पाठ के लिए प...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.